Saturday, 28 July 2018

क्या होता हैं यो-यो टेस्ट, क्रिकेट प्रेमी जरूर पढ़े

यो यो टेस्ट क्या हैदोस्तों आजकल भारतीय क्रिकेट टीम में एंट्री लेना के लिए यो-यो टेस्ट पास करना खिलाड़ियों के लिए मुश्किल का सबब बन गया है। आईपीएल 2018 में जबरदस्त प्रदर्शन की वजह से इस बार कुछ खिलाड़ियों भारतीय टीम की जर्सी पहनने का मौका मिला था लेकिन यो-यो टेस्ट में फेल होने की वजह से टीम से बाहर हो चुके हैं। इस लिस्ट में अंबाती रायुडू और संजू सैमसन का नाम सबसे पहले आता हैं। इस बार आईपीएल में इन दोनों बल्लेबाजों ने अपने-अपने टीम के लिए जबरदस्त प्रदर्शन किया था। जिसके बाद चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड दौरे पर इन दोनों बल्लेबाजों को टीम में चयन किया था। लेकिन यो-यो टेस्ट पास नही कर पाने की वजह से टीम से बाहर हो गए हैं।

यो-यो टेस्ट क्या हैं और कहाँ से शुरू हुआ

यो-यो टेस्ट फ़िटनेस और स्टेमिना जाँचने की एक प्रक्रिया है। इस टेस्ट की शुरुआत सबसे पहले फुटबॉल मैच से हुई थी। क्रिकेट मैचों में ऑस्ट्रेलिया से सबसे पहले यो-यो टेस्ट की शुरुआत हुई थी। जिसके बाद से ही क्रिकेट खेलने वाले लगभग सभी देशों में इस टेस्ट के ज़रिए खिलाड़ियों की फिटनेस जाँची जाती हैं।

क्या होता हैं यो-यो टेस्ट में

यो-यो टेस्ट एक सॉफ्टवेयर बेस टेस्ट हैं। यानी इस टेस्ट में किसी इंसान का कोई हस्तक्षेप नही होता हैं। इस टेस्ट प्रक्रिया में 20 मीटर की दो लाइन बनी होती हैं। जिनपर खिलाड़ी लगातार दौड़कर आता जाता रहता हैं। खिलाड़ी जब पहले छोर से दौड़ना स्टार्ट करता हैं तथा दूसरे छोर पर रुकता हैं तब तब बीप की आवाज़ आती हैं।
what is yo yo test
इस टेस्ट में खिलाड़ी जब एक राउंड पूरा करता हैं तो उसे एक लेवल कहते हैं। और धीरे-धीरे ये लेवल बढ़ता जाता हैं जैसे जैसे लेवल बढ़ता जाता है वैसे-वैसे खिलाड़ी को अपने दौड़ने की गति को भी बढ़ाना पड़ता हैं। अंत में सॉफ्टवेयर खिलाड़ी के दौड़ने की गति के आधार पर अंतिम स्कोर बताता हैं।
टीम इंडिया में एंट्री लेने के लिए कम से कम 16.1 के स्कोर को क्रॉस करना जरूरी होता हैं। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली कई बार 21 के स्कोर को टच करने में सफल रहे हैं। जोकि टीम के सबसे फिट खिलाड़ी हैं।

0 comments: